स्त्री साहित्य व हिंदी बनें राष्ट्र भाषा अभियान के साथ

१६ मार्च २०१७ को साठ्ये महाविद्यालय हिंदी विभाग व
साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था मुम्बई एवं
हिंदीकल्याणन्यास.कॉम के संयुक्त तत्वावधान में
स्त्री साहित्य व हिंदी बनें राष्ट्र भाषा अभियान के साथ
एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में देश-विदेश के जाने-माने विद्वान मुम्बई में पधार रहे हैं।
हिंदी अध्यापकों, हिंदी प्रेमियों, हिंदी सेवियों व हिंदी राष्ट्रभाषा के प्रति पे्रम रखने वाले सभी भारतीयों से अनुरोध है कि साठ्ये महाविद्यालय, दीक्षित रोड, विले पार्ले पूर्व, मुंबई में
दिनांक १६ मार्च २०१७ को प्रात: ८ बजे पहुंचे, कार्यक्रम संध्या ७ बजे संपन्न होगा

राष्ट्रहित कार्यक्रम का आयोजन
साठ्ये महाविद्यालय, मुम्बई में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी
दिनांक: १६ मार्च २०१७, समय प्रात: ८ से सायं ७ बजे तक
विषय- हिंदी के राष्ट्रभाषा अभियान के साथ स्त्री की हिंदी साहित्य में भूमिका
प्राचार्या डॉ. कविता रेगे के सहयोग से आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय स्त्री साहित्य’ संगोष्ठी में देश-विदेश के प्रमुख विद्वानों का मुम्बई शहर में आगमन
भारत के विभिन्न राज्यों एवं भारत के बाहर से आने वाले प्रतिभागी विद्वान मित्र
जे.एस. युनिवर्सिटी से प्रो. हरिमोहन
अमरवंâटक विश्वविद्यालय से डॉ. दिलीप सिंह
अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह
प्रसिद्ध आलोचक डॉ. विजय बहादुर सिंह
हैम्बर्ग युनिवर्सिटी जर्मनी से डॉ. रामप्रसाद भट्ट
गया से डॉ. विनय कुमार
अमेरिका से देवी नागरानी
श्रीलंका से प्रो. अमिला दमयंती
दिल्ली से डॉ. धनंजय सिंह
केरल से प्रो. एन.जी. देवकी
खण्डवा से डॉ. श्रीराम परिहार
टिहरी गढ़वाल से डॉ. सुशील कुमार
तिरुपति से डॉ. नारायना
हैदराबाद से डॉ. ऋषभदेव शर्मा
दिल्ली से डॉ. बजरंग बिहारी तिवारी
गुजरात से डॉ. अजय भाई पटेल
मुम्बई से डॉ. राजम नटराजन
मुम्बई से प्रसिद्ध रचनाकार सूर्यबाला
मुम्बई से प्रसिद्ध रचनाकार सुधा अरोरा
मुम्बई से डॉ. अनिल सिंह
मुम्बई से वरिष्ठ पत्रकार बिजयकुमार जैन (राष्ट्रीय अध्यक्ष, हिंदी कल्याण न्यास)
मुम्बई से चांसलर डॉ. विनोद टिबड़ेवाल (जे.जे. विश्वविद्यालय)
मुम्बई से डॉ. प्रदीप कुमार सिंह (हिंदी विभागाध्यक्ष, साठ्ये कॉलेज)

 

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